पौड़ी जिले में आपदा मॉक अभ्यास किया
पौड़ी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर पौड़ी जिले में चार स्थानों पर आपदा मॉक अभ्यास किया गया। इसमें बस दुर्घटना, नदी का जलस्तर बढ़ना, जंगल में आग व भूस्खलन जैसी घटनाओं पर रेस्क्यू व राहत कार्यों का अभ्यास किया गया। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशन में कलेक्ट्रेट कंट्रोल रूम से इसकी निगरानी की गई। प्रभारी अपर जिलाधिकारी/संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी के अनुसार सुबह 10:01 बजे कोटद्वार में खोह नदी का जलस्तर बढ़ने से झूलाबस्ती में 15 परिवारों के 48 लोग फंसे, जिन्हें सुरक्षित रिलीफ कैंप पहुंचाया गया। 4 घायलों को अस्पताल भेजा गया तथा टापू में फंसे 2 लोगों का एसडीआरएफ ने सफल रेस्क्यू किया। सुबह 10:11 बजे थलीसैंण के केन्यूर में भूस्खलन में 15-20 लोगों के फंसे होने की सूचना पर 9 घायल मिले, जिनमें 3 को एयरलिफ्ट कर एम्स ऋषिकेश और 6 का उपचार सीएचसी थलीसैंण में किया गया।
सुबह 10:20 बजे धुमाकोट–नैनीडांडा मार्ग पर मिनी बस हादसे में 15 सवारों में 2 की मृत्यु हुई, 8 सामान्य घायल सीएचसी नैनीडांडा में भर्ती हुए। 2 गंभीर में से 1 को एयरलिफ्ट कर ऋषिकेश व 1 को कोटद्वार भेजा गया। 3 लापता को एक घंटे में सुरक्षित खोज लिया गया।
सुबह 10:21 बजे बुवाखाल (नागदेव रेंज) में जंगल में आग की घटना में 1 फायर वाचर घायल हुआ, जबकि एसडीआरएफ, अग्निशमन व वन विभाग ने आग पर काबू पाया। सभी घटनाओं में त्वरित कार्रवाई करते हुए राहत कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हुए तथा डी-ब्रीफिंग कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसे अभ्यास से आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित होगी और कमियों को दूर किया जाएगा।
इस दौरान जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, एएसपी अनूप काला, सीओ तुषार बोरा, अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने, जिला पंचायतीराज अधिकारी जितेंद्र कुमार, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपेश काला सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
