ट्राउट मत्स्य पालन से युवा बन सकते हैं आत्मनिर्भर
देहरादून। लोक भवन में ग्राम ल्वाणी, विकासखंड देवाल (चमोली) के मत्स्य पालन उद्यमी मोहन सिंह बिष्ट ने भेंट की। वर्ष 2017 से ट्राउट मछली पालन के क्षेत्र में उनके सतत प्रयास यह दर्शाते हैं कि यदि संकल्प और नवाचार साथ हों, तो पहाड़ों में भी आजीविका के सशक्त अवसर सृजित किए जा सकते हैं। स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और संस्थानों को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध कराने का उनका कार्य अत्यंत सराहनीय है। मेरा विश्वास है कि ट्राउट मत्स्य पालन जैसे प्रयास उत्तराखण्ड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। बिष्ट की उद्यमशीलता और एकीकृत कृषि की दिशा में उनकी सोच राज्य के लिए प्रेरणास्रोत है। ऐसे प्रयास ही आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड की नींव को सुदृढ़ करते हैं।
