नदी-उत्सव का किया आयोजन

संगोष्ठी में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो पी एस जंगवाण ने छात्रों को सम्बोधित किया कि नदी-उत्सव द्वारा भारत की नदियों को जानना,उनके सांस्कृतिक महत्त्व से अवगत होना, नदियों को प्रदूषण मुक्त करना तथा गंगा से जुड़े विकास कार्यों को बढ़ावा देना आदि उद्देश्यों को संपादित किया जाना है। उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र ने नमामि गंगे मिशन को जैवविविधता को restore करने वाले दुनिया के top ten initiatives में शामिल किया है। इस अवसर पर प्राचार्य ने कहा कि नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत त्रिवेणी के समीपस्थ फैले विरल वन को वृक्षारोपण द्वारा सघन वन के रूप में संवर्धित व संरक्षित किया जायेगा।नोडल अधिकारी डा गणेश भागवत ने गंगा ,मन्दाकिनी व मधुगंगा के बारे में ऐतिहासिक व सांस्कृतिक जानकारी से अवगत कराया। संगोष्ठी में सभी प्राध्यापकों ने नदी संरक्षण के लिए अपने विचार प्रस्तुत किये। नदी – उत्सव में प्राचार्य महोदय ने प्रतिभाग कर छात्रों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ प्राध्यापक डा मनोज गैरी, डा योगिशा, डा नीतू, डा आजाद सिंह, डा चिंतामणि सहित लगभग 70 छात्र-छात्राओं, कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया।
लक्ष्मण सिंह नेगी
