सरकारी कार्यालयों को अराजकता का अड्डा बना रही कांग्रेस : खजान दास
Oplus_131072
देहरादून। कैबिनेट मंत्री श्री खजान दास ने देहरादून और हल्द्वानी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा एसएसपी कार्यालयों में प्रदर्शन के दौरान अराजकता फैलाने के प्रयासों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सत्ता की भूख में कांग्रेस अब लोकतंत्र, कानून और संवैधानिक संस्थाओं की मर्यादा को भी तार-तार करने पर उतर आई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को सत्ता चाहिए, लेकिन जनता का विश्वास उसके पास नहीं है। यही कारण है कि जनसमर्थन के बजाय कांग्रेस अब दबाव, धमकी, हंगामे और अराजकता की राजनीति के रास्ते पर चल रही है। देहरादून और हल्द्वानी में जिस प्रकार एसएसपी कार्यालयों को राजनीतिक प्रदर्शन का केंद्र बनाने और वहां अव्यवस्था पैदा करने का प्रयास किया गया, वह कांग्रेस की वास्तविक मानसिकता को उजागर करता है। श्री खजान दास ने कहा कि कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह लोकतंत्र में विश्वास करती है या फिर सरकारी संस्थाओं पर भीड़ के दबाव से अपनी राजनीति चलाना चाहती है। विरोध के नाम पर सरकारी कार्यालयों में हंगामा करना, पुलिस-प्रशासन पर दबाव बनाने का प्रयास करना और कानून-व्यवस्था को चुनौती देना किसी जिम्मेदार राजनीतिक दल की पहचान नहीं, बल्कि सत्ता से दूर होने की बौखलाहट है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को यह भ्रम है कि शोर-शराबे, हंगामे और अराजकता के जरिए वे राजनीतिक जमीन हासिल कर लेंगे। लेकिन उत्तराखंड की जनता कांग्रेस के इस पुराने खेल को अच्छी तरह पहचानती है। जनता जानती है कि जब कांग्रेस के पास जनता के बीच जाने के लिए कोई सकारात्मक एजेंडा नहीं बचता, तब वह सड़क से लेकर सरकारी कार्यालयों तक अराजकता का माहौल बनाने का प्रयास करती है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर कांग्रेस किसे संदेश देना चाहती है? क्या वह कानून का पालन करने वालों के साथ खड़ी है या कानून को भी राजनीतिक दबाव से प्रभावित करना चाहती है? पुलिस और प्रशासन को अपना काम कानून के अनुसार करने का अधिकार और दायित्व है। कांग्रेस को यह अधिकार किसी ने नहीं दिया कि वह भीड़ के दम पर सरकारी संस्थाओं को डराने या दबाव में लेने की कोशिश करे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास सत्ता के लिए हर प्रकार के राजनीतिक हथकंडे अपनाने का रहा है। आज उत्तराखंड में भी वही मानसिकता दिखाई दे रही है। कांग्रेस को यह स्वीकार नहीं हो रहा कि राज्य की जनता मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में विकास और सुशासन की राजनीति के साथ खड़ी है। इसी हताशा में कांग्रेस अब विरोध और आंदोलन के नाम पर माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है। श्री खजान दास ने कहा कि कांग्रेस को लोकतांत्रिक विरोध और अराजकता के बीच का अंतर समझना होगा। अपनी राजनीतिक विफलताओं को छिपाने और सत्ता तक पहुंचने के लिए सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली बाधित करना, कानून-व्यवस्था को चुनौती देना और प्रशासनिक संस्थाओं को निशाना बनाना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने दो टूक कहा कि उत्तराखंड में कानून का राज है और कानून के साथ खिलवाड़ करने या अराजकता फैलाने की किसी को छूट नहीं दी जाएगी। लोकतंत्र की आड़ लेकर अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ कानून अपना काम करेगा। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि कांग्रेस को सत्ता की बेचैनी में यह नहीं भूलना चाहिए कि उत्तराखंड की जनता हंगामे और अराजकता की राजनीति को कभी स्वीकार नहीं करेगी। जनता विकास, स्थिरता और सुशासन के साथ है और कांग्रेस की नकारात्मक तथा अराजक राजनीति को आने वाले समय में भी पूरी तरह नकारती रहेगी।
