कांग्रेस को सिर्फ राहुल के झूठे सम्मान की चिंता : भाजपा
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देहरादून । भाजपा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस को दलितों और देवभूमि के अपमान की चिंता नहीं सिर्फ अपने युवराज के झूठे सम्मान की चिंता है। तभी जब हल्द्वानी के साहसी सनातनी दलित भाइयों ने अपने ऊपर लगाए झूठे आरोपों का कानूनी प्रतिकार किया तो कांग्रेस बिलबिला गई है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री, कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत ने कांग्रेस के केंद्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व के बयानों पर पलटवार कर कहा कि मुद्दाविहीन कांग्रेस राजनैतिक लोलुपता में इतनी अंधी हो गई है कि वो सफेद झूठ को भी काला सच दर्शाने में जुट गई है। उनके दिल्ली से देहरादून तक के बयान और आज का उनका प्रदर्शन भी उसकी एक कड़ी था, जिसमें दलित अपमान के कानूनी शिकंजे में फंसता देख राहुल गांधी और कांग्रेस की चिंता साफ दिखाई देती है। क्यूंकि जब प्रदेश कांग्रेस षड्यंत्रकारी रणनीति के तहत अपनी हल्द्वानी रैली में हुए सनातन विरोधी कृत्यों को ढकने के लिए हवन की लकड़ियों को साँप बताने की कोशिश की। तब उन्हें भी रत्ती भर जानकारी नहीं थी कि वहां पूजा हवन करने वालों में बड़ी संख्या में दलित भाई भी थे। दरअसल लगातार चुनाव में हार से निराश कांग्रेस पार्टी सत्ता पाने के लालच में अंधी हो गई है। उन्हें लगा कि झूठे जातिवादी आरोप लगाकर, जनता में नकारात्मक नैरेटिव फैलाएंगे। बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि इसके लिए उन्होंने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष को भी उसमें शामिल किया वो भी लोकतंत्र के सर्वोच्च सदन में। उन्होंन कटाक्ष किया कि राहुल गांधी को लगा, देवभूमि में समाज को बांटने वाले इस मुद्दे पर अपनी झूठ की गूंज सुनाई जाए। लेकिन बहुत प्रशंसनीय है कि हमारे देवभूमि के साहसी सनातनी दलित भाइयों ने कांग्रेस के युवराज को उनके झूठ पर चुनौती दी है। क्यूंकि राहुल गांधी उनके द्वारा किए पूजा हवन को दलित विरोधी बताने का पाप बता रहे हैं। जिससे स्वयं उन दलित युवाओं, देवभूमि और समूचे सनातन की प्रतिष्ठा धूलधूसरित करने का प्रयास कांग्रेस द्वारा किया जा रहा है। अब राहुल गांधी को अहसास हो जाएगा कि ये देवभूमि है, यहां झूठ बोलकर भागा नहीं जा सकता, आपको सबसे पहले कानून की अदालत में सबूतों एवं तथ्यों के साथ ज़बाब देना ही होगा। उन्होंने चेताया कि कांग्रेस को लगता है, सिर्फ राहुल का सम्मान ही सब कुछ है और वे आंदोलन कर देवभूमि को डरा देंगे। लेकिन ये देवभूमि है जो अपनी धार्मिक संस्कृति और परंपरा एवं दलित भाइयों का अपमान किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। लिहाजा कानून की अदालत से तो राहुल को सजा मिलेगी ही, साथ ही 27 में लगने वाली जनता की अदालत में कांग्रेस दोषी साबित होगी।
