भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त
बागेश्वर। जिले के कपकोट क्षेत्र में बीते कुछ दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश के चलते जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। लगातार हो रही बारिश से सरयू नदी उफान पर है और सरयू घाट पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। जिले में 32 ग्रामीण सड़कों, 2 जिला मार्गों और 1 राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कुल 35 सड़क मार्ग बाधित हुए हैं। बारिश के कारण दो दर्जन से अधिक मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। वहीं, कई स्थानों पर पेयजल और विद्युत आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी किनारे न जाएं।
कपकोट क्षेत्र के कर्मी, भानी, रमाड़ी, कनौली, सोंग, खलीधार और पिंडारी ग्लेशियर मार्गों सहित कई स्थानों पर सड़कें पूरी तरह बाधित हैं। पेयजल योजनाएं और विद्युत आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। सरयू नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच चुकी है, जिससे नदी किनारे रहने वाले लोगों में डर का माहौल है। वही बागनाथ वार्ड में रहने वाले किशन सोनी ने बताया कि रातभर बारिश होती रही। पानी का स्तर इतना बढ़ गया कि हम पूरी रात सो नहीं पाए। नदी का बहाव बागनाथ घाट से ऊपर आ गया था। ऐसी स्थिति पहले कभी नहीं देखी।
सरयू नदी के किनारे बसे घरों में लोगों ने रातभर दहशत के साए में गुजारी। स्थानीय निवासी बबीता रस्तोगी और उमा कर्नाटक ने बताया कि उनके घरों में नदी का पानी और कीचड़ भर गया, जिससे उन्हें घर छोड़कर सुरक्षित स्थान पर जाना पड़ा। पानी हमारे घर के अंदर घुस गया था। सारा सामान खराब हो गया, हमें बच्चों के साथ बाहर जाना पड़ा। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि जिले में 35 सड़क मार्ग बाधित हुए हैं, जिनमें से कुछ को खोल दिया गया है, जबकि बाकी मार्गों को खोलने के प्रयास जारी हैं। सभी प्रभावित क्षेत्रों में जेसीबी मशीनें तैनात की गई हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नदी के आसपास न जाएं और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। हमारी टीमें लगातार सड़कों को खोलने के प्रयास में जुटी हैं। जनता से अनुरोध है कि वे नदी किनारे न जाएं।
