Fri. Oct 9th, 2026

सीमांत जनपदों के बाल वैज्ञानिकों को मिलेगा नवाचार का मंच

बागेश्वर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बागेश्वर के मंडलसेरा स्थित विवेकानंद इंटर कॉलेज में उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) के तत्वावधान में आयोजित पंचम सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव का शुभारंभ किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश के विद्यालयों में विज्ञान एवं तकनीक आधारित शिक्षा को प्रोत्साहित करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रोबोटिक्स और ड्रोन तकनीक को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए राज्य की लैब्स को एआई से जोड़ने तथा सभी विकासखंडों में एक-एक लैब ऑन व्हील्स स्थापित करने की दिशा में कार्य किए जाने की घोषणा की। साथ की मुख्यमंत्री ने शोध एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए सीमांत जनपद विज्ञान महोत्सव एवं संबंधित कार्यक्रमों हेतु ₹1 करोड़ देने की घोषणा भी की। साथ की मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के सभी जनपदों में विज्ञान एवं नवाचार केंद्रों स्थापित करने की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने बाल वैज्ञानिकों से संवाद किया और उनकी जिज्ञासाओं के उत्तर दिए। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ने, नए विचारों पर काम करने तथा सवाल पूछने की प्रवृत्ति बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज के बाल वैज्ञानिक ही भविष्य में देश के प्रमुख वैज्ञानिक, इंजीनियर और शोधकर्ता बनेंगे। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मुख्यमंत्री ने विद्यालयी शिक्षा में आधुनिक तकनीक के समावेश पर जोर देते हुए रोबोटिक्स एवं ड्रोन तकनीक को शिक्षा से जोड़ने व महिला विकास एवं विज्ञान विषय पर सम्मेलन आयोजित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि विज्ञान एवं तकनीक के माध्यम से प्रदेश में नवाचार, पारदर्शी सेवाओं और स्मार्ट कृषि को बढ़ावा दिया जा रहा है। देहरादून में साइंस सिटी और चंपावत में साइंस सेंटर विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के माध्यम से प्रयास किए जा रहे हैं। कृषि, बागवानी, मत्स्य पालन, मौन पालन और होमस्टे जैसे क्षेत्रों में स्वरोजगार की संभावनाओं को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में आयोजित ऐसे विज्ञान महोत्सव विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता और नवाचार की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के आदर्शों से प्रेरणा लेकर देश एवं प्रदेश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *