धूम-धाम से मनाया हरेला पर्व
देहरादून। आज प्रदेशभर में प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के प्रतीक हरेला पर्व धूम-धाम से मनाया जा रहा है। इस अवसर पर प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर पौधारोपण किया गया। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने लोक भवन परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान प्रदेशवासियों को हरेला की बधाई देते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह पर्व प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, कृषि परंपरा एवं प्रकृति के साथ हमारे गहरे जुड़ाव का प्रतीक है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अधिकाधिक पौधरोपण कर उनके संरक्षण एवं संवर्धन करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को हरेला की शुभकामनाएं देते हुए अधिक से अधिक पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने का आह्वान किया है। वहीं हरेला पर उत्तकाशी, चमोली, टिहरी चंपावत सहित प्रदेश के सभी जिलों में पौधरोपण कर उनके संरक्षण करने का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरेला पर खटीमा के नगला तराई स्थित अपने निजी आवास परिसर और जागेश्वर मंदिर प्रांगण में पौधा रोपण किया। इस दौरान श्री धामी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पर्व प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने, पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने और लोक संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहने की प्रेरणा देता है। श्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और जैव विविधता के संरक्षण के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से पौधरोपण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ी है। मुख्यमंत्री ने विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर धाम मंदिर प्रांगण में पौधरोपण करते हुए प्रदेशवासियों से एक पेड़ मां के नाम अभियान से जुड़ने और अधिक से अधिक पौध लगाकर उनकी देखभाल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हरेला उत्तराखंड की प्रकृति, पर्यावरण और लोक संस्कृति से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है और पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।
