ऑटोमैटिक वेदर स्टेशनों की संख्या बढ़ाकर 25 करने के दिए निर्देश
देहरादून। राज्य सरकार ने मानसून के दौरान राज्य के सभी प्रमुख बांधों और बैराजों से जल छोड़ने की स्थिति में संभावित प्रभाव का पूर्व आकलन कर उसकी सूचना राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र और संबंधित जिला प्रशासन को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में आयोजित समीक्षा बैठक में कहा कि सभी बांध और बैराज प्रतिदिन सुबह आठ बजे और शाम आठ बजे जलाशयों के जलस्तर, इनफ्लो, आउटफ्लो और डिस्चार्ज की अद्यतन रिपोर्ट यूएसडीएमए को भेजेंगे। उन्होंने कहा कि यदि किसी बांध या बैराज से पानी छोड़ा जाना प्रस्तावित हो तो पहले से यह जानकारी दी जाए कि पानी कितने समय में किन क्षेत्रों तक पहुंचेगा, डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में नदी के जलस्तर में कितनी वृद्धि होगी और संभावित प्रभाव क्या होंगे, ताकि संवेदनशील क्षेत्रों में समय रहते लोगों को सतर्क कर आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जा सकें। टिहरी हाइड्रो पावर कॉरपोरेशन को अपने क्षेत्र में ऑटोमैटिक वेदर स्टेशनों की संख्या बढ़ाकर 25 करने के निर्देश दिए गए। सुमन ने कहा कि एक ही नदी तंत्र में स्थित अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम बांधों के बीच जलस्तर, वर्षा और डिस्चार्ज संबंधी सूचनाओं का नियमित आदान-प्रदान सुनिश्चित किया जाए, जिससे किसी भी आपात स्थिति में समन्वित कार्रवाई की जा सके।
