युवाओं को सशक्त, सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध : धामी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज राष्ट्रीय युवा दिवस के पर विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले महिला मंगल दलों और युवक मंगल दलों को पुरस्कृत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद को नमन करते हुए कहा कि वह ऐसे युगद्रष्टा ऋषि थे, जिन्होंने परतंत्रता की बेड़ियों में जकड़े हुए राष्ट्र के भीतर सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की चेतना को पुनः प्रज्वलित किया। उनके द्वारा शिकागो में दिए गए ऐतिहासिक उद्बोधन ने पश्चिमी जगत को न केवल भारत की आध्यात्मिक शक्ति से परिचित कराया, बल्कि सम्पूर्ण विश्व को यह संदेश भी दिया कि सनातन संस्कृति के ज्ञान, विवेक और मूल्यों में ही समस्त मानवता का कल्याण निहित है। उनका युवा शक्ति पर अटूट विश्वास था और वे युवाओं को राष्ट्र के पुनर्जागरण का सबसे सशक्त माध्यम मानते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा शक्ति हमारे राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है, जो अपने परिश्रम, प्रतिभा और संकल्प के बल पर सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के स्वप्न को साकार करने की क्षमता रखती है। इस ऊर्जा को सही दिशा देने और मार्गदर्शन से देश न केवल आर्थिक महाशक्ति के रूप में उभरेगा, बल्कि पुनः विश्व गुरु के रूप में स्थापित भी हो सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के संकल्प को साकार करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि अनेक योजनाओं के माध्यम से युवाओं को उनकी प्रतिभा और क्षमता के अनुसार अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। राज्य सरकार भी युवाओं को सशक्त, सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग प्रदान करने के साथ-साथ आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड सनातन संस्कृति, चेतना, दर्शन और आध्यात्म की भूमि रही है। स्वामी विवेकानंद ने उत्तराखण्ड की पावन भूमि के विभिन्न क्षेत्रों में भी तपस्या कर ज्ञान प्राप्त किया था। सरकार ने उन सभी स्थानों को चिन्हित कर राज्य में स्वामी विवेकानंद कॉरिडोर बनाने का फैसला लिया है।
