राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देंगे सहकारी समितियों के उत्पाद: रावत
उत्तरकाशी। उत्तरकाशी। सहकारिता मंत्री श्री डॉ. धन सिंह रावत ने रामलीला मैदान में आयोजित सहकारिता मेले के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। यह मेला सहकारिता विभाग एवं जिला सहकारी बैंकों के द्वारा उत्तराखंड की सहकारिता समितियों को एक साझा मंच प्रदान करने, उनके उत्पादों को प्रदर्शित करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। डॉ. रावत ने मेले में लगे 30 से अधिक स्टॉलों का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने विशेष रूप से महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प, जैविक कृषि उपज, और दुग्ध सहकारिता समितियों के उत्पादों में गहरी रुचि दिखाई। उन्होंने पहाड़ी उत्पादों के लिए विशेष ब्रांडिंग की सराहना की और अधिकारियों को इन उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाने के लिए कारगर योजनाएँ बनाने के निर्देश दिये। सहकारिता मंत्री ने सहकारिता को गरीबों और वंचितों की आर्थिक सबल बताया। कहा कि सहकारिता आंदोलन एक मजबूत आधार है जो प्रत्येक गाँव और प्रत्येक परिवार को आत्मनिर्भर बना सकता है। सरकार सहकारिता क्षेत्र के आधुनिकीकरण और डिजिटलीकरण पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने युवाओं से रोजगार सृजन के लिए सहकारिता क्षेत्र से जुड़ने का आह्वान किया। डॉ. रावत ने इस सफल और भव्य आयोजन के लिए सहकारिता विभाग और सभी प्रतिभागी समितियों को हार्दिक बधाई दी। कहा कि ऐसे मेले जागरूकता फैलाने और सहकारिता समितियों के उत्पादों को उचित मूल्य दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि वे सहकारिता आंदोलन को सफल बनाने में अपना योगदान दें और इन स्थानीय, गुणवत्तापूर्ण उत्पादों को खरीदकर ग्रामीण आजीविका को सशक्त करें। मंत्री द्वारा दीन दयाल उपाध्याय योजना के अंतर्गत विभिन्न लाभार्थियों को 2 से 5 लाख रुपए तक के 32.5 लाख के 10 चेक तथा पुजार गांव,फोल्ड और जाखोल में माइक्रो एटीएम खोले जाने के प्रमाणपत्र वितरित किए एवं जनपद में दीन दयाल योजनांतर्गत वित्तपोषित उत्कृष्ट कार्य करने वाले 3 किसानों और 3 स्वयं सहायता समूहों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान सहकारिता मंत्री द्वारा धारी काफनौल,संकरी और कोडधार में कॉपरेटिव बैंक की शाखाएं खोले जाने एवं महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाए जाने हेतु 21 हजार से 1 लाख रुपए तक के बिना गारंटी के ऋण सुविधाओं की शुरुवात करने की भी घोषणा की।
