रेशम कृषि मेला का आयोजन
समाचार इंडिया।भीमताल। क्षेत्रीय रेशम उत्पादन अनुसंधान केन्द्र, केन्द्रीय तसर अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, केन्द्रीय रेशम बोर्ड, भीमताल में एक दिवसीय रेशम कृषि मेला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य अतिथि अध्यक्ष, उत्तराखंड कॉपरेटिव सिल्क फेडरेशन चौधरी अजीत सिंह, विशिष्ट अतिथि निदेशक रेशम उत्तराखण्ड सरकार देहरादून प्रदीप कुमार, सहायक सचिव तक०, क्षेत्रीय कार्यालय केन्द्रीय रेशम बोर्ड दशरथी वहेडा,, नई दिल्ली एंव केन्द्र प्रभारी ए एस वर्मा, वैज्ञानिक-डी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। एवं ओक तसर कीटपालन एवं बीजगार बुक लेट का बिमोचन भी किया गया। उक्त किसान मेला में वैज्ञानिकों, गणमान्य अथितियो, कृषको व उत्तराखण्ड रेशम विभाग के अधिकारी/कर्मचारियों सहित 200 से अधिक लोगों ने भाग लिया। समारोह में उपस्थित तसर कीटपालकों व प्रवुद्ध जनों का स्वागत केन्द्र प्रभारी एएस वर्मा, वैज्ञानिक-डी द्वारा किया गया। सत्र में कार्यक्रम के अध्यक्ष डा एन. बी. चौधरी निदेशक केन्द्रीय तसर अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान राची एंव विशिष्ट अतिथि प्रदीप कुमार, निदेशक रेशम उत्तराखण्ड सरकार देहरादून ने किसानों को संबोधित करते हुए ओक तसर एव शहतूती रेशम के महत्व एवं रेशम से किसानों की आय में वृद्धि के नये अवसर सृजित करने एवं राज्य में ओक तसर उत्पादन को बढावा देने के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर बल दिया साथ ही तसर कीटपालकों की समस्याओं के समाधान हेतु कारगर कदम उठाने के सुझाव दिये। श्री मुख्य अतिथि चौधरी अजीत सिंह अध्यक्ष, उत्तराखंड कॉपरेटिव सिल्क फेडरेशन, ने तसर कीटपालन के साथ तसर बीजागार तसर सूत कताई एवं कपड़ा बुनाई जैसे कार्यक्रम की शुरुआत कर स्थानीय लोगों की बेरोजगारी एवं पहाड़ों से पलायन दूर करने पर जोर दिया एवं रेशम विभाग की योजनाओं की जानकारी दी। तकनीकी सत्र में समारोह में उपस्थित केन्द्रीय रेशम बोर्ड के वरिष्ठ एवं अनुभवी वैज्ञानिकों एवं तकनीकी कर्मचारी ने तसर खादय पौधों का रखरखाव एवं वृक्षारोपण बीज कोसों का चयन एवं संरक्षण बीजागार प्रबंधनए रोग मुक्त चक्तों (तसर अंडों) का यातायात एवं इनक्यूवेशनए तसर कीटपालन प्रबंधनए तसर कीटपालन के क्रम में लगने वाले रोगों की रोकथाम जैसे विषयों पर अपने-अपने विचार व्यक्त किये।
