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सत्ता और विपक्ष में अराजकता का रहा है कांग्रेस का इतिहास: भट्ट

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देहरादून। भाजपा ने कांग्रेस की रैली की तिथि पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता और विपक्ष मे उसका इतिहास अराजकता का रहा है। प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने आरोप लगाया कि सिक्खों के नरसंहार की दोषी कांग्रेस ने इस दुखद दिन को चुनकर देश के ज़ख्मों को फिर से ताजा कर दिया है। वहीं राहुल प्रियंका के उत्तराखंड दौरे की खबरों को कटाक्ष किया कि देश एवं सनातन विरोधी नेताओं को प्रदेश की राष्ट्रवादी जनता गंभीरता से नहीं लेती है, लिहाजा वे जितनी बार आयेंगे देवभूमि में कमल उतनी बड़ी संख्या में खिलेगा।मीडिया द्वारा कांग्रेस की दिल्ली में होने वाली संविधान बचाओ रैली और राहुल प्रियंका के उत्तराखंड दौरे को लेकर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि अराजकतावादी सोच को दर्शाने के लिए सिक्ख नरसंहार की 1 नवंबर वाली तारीख से दूसरी कोई और तारीख नहीं हो सकती है। विपक्षी दलों के प्रस्तावित मार्च, प्रदर्शन पर तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि ये कोशिश 1984 की अराजकता की याद ताजा करने वाली है। क्योंकि कोई नहीं भूला कि किस तरह कांग्रेस नेताओं ने पूर्व पीएम की हत्या का बदला देश की एकता और सद्भाव तोड़कर दिया था। इसी दिन की शुरुआत से हजारों सिक्ख भाइयों का कत्लेआम कांग्रेसियों द्वारा बरगद के पेड़ गिरने की आड़ में किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस संविधान बचाने के नाम पर लगातार संवैधानिक संस्थाओं पर हमला कर उन्हें कमजोर करने की साजिश में लगी है। लगातार देश की संवैधानिक संस्थाओं पर आघात किया जा रहा है और लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश है। अब स्पष्ट हो चुका है कि कांग्रेस और विपक्ष देश विरोधी विदेशी ताकतों के हाथों में खेल रही है। वहीं राहुल गांधी पर भी निशाना साधा कि उनके बयान और राजनीतिक गतिविधियों गैरजिम्मेदाराना एवं राष्ट्रहित में नहीं रहते हैं। चुनावों में लगातार हार के बाद कांग्रेस नकारात्मक राजनीति और साजिशों का सहारा ले रही है। वहीं राहुल प्रियंका के उत्तराखंड दौरों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिस तरह का राष्ट्र विरोधी एवं सनातन विरोधी व्यवहार इन दोनों नेताओं का रहता है उसके बाद कोई भी देशभक्त उत्तराखण्डी उन्हें गंभीरता से नहीं लेता है। इतना ही नहीं कांग्रेस के इस शीर्षस्थ नेतृत्व द्वारा लगातार उत्तराखंड के स्वाभिमान और छवि पर लगातार हमले किए जाते रहे हैं जिसे प्रदेश की महान जनता कभी भूल नहीं सकती है। लिहाजा उनके शाही परिवार का चुनाव की आहट सुनकर राज्य में आना, देवभूमि की जनता के ज़ख्मों को हरा करने वाला है।

 

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