जिलाधिकारी ने मैग्नेसाइट फैक्ट्री का निरीक्षण किया
देहरादून। जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे ने शुक्रवार को झिरौली मैग्नेसाइट खदान एवं बिल्लौरी-मटेला स्थित मैग्नेसाइट फैक्ट्री का निरीक्षण कर उद्योग की वर्तमान स्थिति एवं भविष्य की कार्ययोजना की समीक्षा की। इस दौरान कंपनी के प्रबंध निदेशक योगेश शर्मा ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से उत्पादन, विपणन तथा कंपनी के समक्ष मौजूद चुनौतियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय द्वारा जनवरी 2025 में लगाए गए खनन प्रतिबंध को फरवरी 2026 में हटाए जाने के बाद कंपनी पुनः संचालन की दिशा में प्रयासरत है। वर्तमान में कंपनी में लगभग 250 नियमित कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि 100 से 200 स्थानीय परिवार सहकारी समितियों के माध्यम से इस उद्योग से जुड़े हैं। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि झिरौली क्षेत्र देश के प्रमुख मैग्नेसाइट भंडारों में शामिल है। यहां पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप खनन किया जाता है तथा खनिज को बिल्लौरी-मटेला फैक्ट्री में प्रसंस्करण के बाद स्टील, रिफ्रैक्टरी एवं उर्वरक उद्योगों को आपूर्ति की जाती है। वर्कर्स यूनियन ने रवन्ना (डिस्पैच) शीघ्र शुरू करने की मांग रखी। जिलाधिकारी ने कंपनी प्रबंधन एवं यूनियन को आपसी समन्वय के साथ उद्योग को पुनः गति देने के लिए सामूहिक प्रयास करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बेहतर तालमेल और सुनियोजित कार्ययोजना से उत्पादन बढ़ेगा तथा स्थानीय लोगों की आजीविका भी मजबूत होगी।
