नमामि गंगे के अंतर्गत संचालित कार्यों की समीक्षा की
देहरादून। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने आज जिला गंगा संरक्षण समिति की बैठक लेते हुए नमामि गंगे के अंतर्गत संचालित कार्यों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने एसटीपी की कार्यकुशलता एवं गुणवत्ता, डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण, गीले कूड़े से तैयार हो रही कम्पोस्ट खाद तथा प्लास्टिक एवं बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन की जानकारी ली।
जिला सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि अलकनंदा एवं अन्य नदी तटीय क्षेत्रों में साफ-सफाई व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही निकाय क्षेत्रों में निर्मित श्मशान घाटों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने और स्वास्थ्य विभाग को बायोमेडिकल वेस्ट के उचित निस्तारण के निर्देश दिए।
बैठक में जिला पंचायत द्वारा संचालित कॉम्पेक्टर मशीनों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी मशीनों की मरम्मत कराने तथा माणा गांव में नई कॉम्पेक्टर मशीन स्थापित करने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
अधिशासी अधिकारी नगर पालिका गोपेश्वर अनिल पंत ने बताया कि उत्तराखण्ड प्लास्टिक एवं अन्य जीव अनाशित कूड़ा कचरा अधिनियम 2013 के तहत अप्रैल माह में 34 चालान कर 8400 रुपये तथा एंटी लिटरिंग एवं एंटी स्पिटिंग एक्ट के तहत 42 चालानों से 8200 रुपये की धनराशि प्राप्त हुई।
बैठक में परियोजना निदेशक आनंद सिंह भाकुनी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी अभिषेक गुप्ता, उप प्रभागीय वनाधिकारी जुगल किशोर सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
