भावनाओं को हथियार बना रहे “रोमांस स्कैमर”
देहरादून। डिजिटल युग में रिश्ते बनाना जितना आसान हुआ है, उतना ही खतरनाक भी। आज इंट्राग्राम, व्हाट्सएप फेसबुक,टेलीग्राफ सहित अन्य सोशल मीडिया साइट से शुरू होने वाली ऑनलाइन बातचीत आपके लिए कब परेशानी का सबब बन जाए कोई नहीं जानता। अगर आप भी ऐसे साइटों का प्रयोग करते हैं तो आपको भी सावधान होने की जरूरत है। क्योंकि साइबर अपराधियों ने लोगों को अपने जाल में फांसने के लिए नया तरीका खोज लिया है, “रोमांस स्कैम”। इसमे अपराधी डेटिंग ऐप्स या सोशल मीडिया पर नकली प्रोफाइल बनाकर लोगों के भावनाओं को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। रोमांस स्कैम एक ऐसा ऑनलाइन धोखाधड़ी है, जिसमें जालसाज डेटिंग साइटों, ऐप्स या सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर दोस्ती करते हैं, प्यार का नाटक करते हैं। विश्वास जीतकर भावनात्मक रिश्ता बनाते हैं। पुलिस के अनुसार रोमांस स्कैम अब एक सुनियोजित अपराध बन चुका है, और अपराधी भावनाओं का इस्तेमाल हथियार की तरह कर रहे हैं। इसमें अपराधियों का तरीका बेहद शातिर होता है। उत्तराखंड एसटीएफ के अनुसार रोमांस स्कैम में अपराधी डेटिंग ऐप्स या सोशल मीडिया पर नकली प्रोफाइल बनाकर, खुद को सैनिक, डॉक्टर,विदेशी, इंजीनियर व्यापारी, किसी बड़ी कम्पनी में कार्यरत बताकर अपने को लोगों के सामने पेश करते हैं और उनका भरोसा जीतते हैं। शुरुआत में मीठी बातें करके भरोसा जीतने की कोशिश की जाती है, और धीरे-धीरे खुलकर बातें होने लगती है। इसके बाद सामने वाला व्यक्ति भावनात्मक रूप से जुड़ने लगता है। रिश्ते को आगे बढ़ाने का दबाव डालते हैं। वे डेटिंग साइट से हटकर व्हाट्सएप, टेलीग्राम या ईमेल पर बात करने के लिए कहते हैं। और बहुत जल्दी शादी या भविष्य की योजनाएं बनाते हैं, और मुलाकात करने के लिए कहते हैं। इसके बाद फिर निजी फोटो, वीडियो, चैट का आदान, प्रदान होता है। ये सब हासिल करने के बाद अपराधी अपना असली खेल शुरू करता है। फिर चिकित्सा आपातकाल, यात्रा, निवेश के बहाने पैसे मांगते हैं, और पैसे मिलते ही फुर्र हो जाते हैं। हालिया केस में भी आरोपितों ने इन्हीं पैटर्न को अपनाते हुए महिलाओं, युवतियों को हनी ट्रैप में फंसाया और उनसे मोटी रकम वसूल की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उत्तराखण्ड अजय सिंह के अनुसार यह कोई आकस्मिक घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित अपराध है। उन्होंने बताया कि हर ऑनलाइन कनेक्शन सुरक्षित नहीं होता। सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। उन्होंने कहा कि किसी भी अजनबी के साथ ऑनलाइन वार्ता, चैटिंग न करे, व्यक्ति गत जानकारी शेयर न करे, न ही पैसे का लेन-देन करें।
