राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगी बागवानी और पुष्प उत्पादन
देहरादून। राज्यपाल Lt Gen Gurmit Singh ने आज लोक भवन परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं विभिन्न पुष्पों की भव्य प्रदर्शनी के साथ ‘वसंतोत्सव-2026’ का शुभारम्भ किया। इस वर्ष वसंतोत्सव की थीम “फ्लोरल हीलिंगः नेचर्स पाथ टू वेल बीइंग” रखी गई है। उद्यान विभाग द्वारा फ्लोरल हीलिंग का प्रदर्शन करने हेतु व्यवस्था की गई साथ ही हिमालयी क्षेत्रों में पाये जाने वाले ताजे पुष्पों से तैयार होने वाले खाद्य पदार्थों का प्रदर्शन और पृथक से स्टॉल लगाया गया। थीम पर आधारित स्टॉल के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि यह आयोजन केवल पुष्प प्रदर्शनी तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रकृति की उपचारात्मक शक्ति और मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य में फूलों एवं हरियाली के महत्व को भी रेखांकित करता है। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि लोक भवन परिसर में वसंतोत्सव के माध्यम से उत्सव का एक विशेष वातावरण बना है। उन्होंने पुष्प प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि यहाँ प्रदर्शित फूलों की गुणवत्ता, विविधता और सुगंध प्रकृति के अनुपम सौंदर्य को दर्शाती है। उन्होंने प्रगतिशील किसानों एवं उद्यान विशेषज्ञों के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि बागवानी और पुष्प उत्पादन राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकते हैं तथा इससे आय और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। राज्यपाल ने ‘अरोमा क्रांति’ का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड की प्राकृतिक संपदा से तैयार सुगंधित उत्पाद वैश्विक स्तर पर विशेष पहचान बना सकते हैं। उन्होंने फूलों एवं सुगंधित उत्पादों के स्वास्थ्यवर्धक प्रभावों पर किए जा रहे अनुसंधानों की भी सराहना की। उन्होंने भोज पत्र पर आधारित विशेष डाक आवरण के विमोचन को विशेष क्षण बताया और कहा कि भोज पत्र हमारी प्राचीन ज्ञान परंपरा और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। यह हमारी जड़ों और सांस्कृतिक अस्मिता से जुड़ा हुआ है, जिसे आज इस विशेष अवसर पर जनसामान्य के साथ साझा किया गया है। राज्यपाल ने कहा कि वसंतोत्सव में युवाओं, महिलाओं तथा स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी उनकी रचनात्मकता और आत्मनिर्भरता का परिचायक है। उन्होंने शहद, अरोमा उत्पाद एवं मिलेट्स जैसे पारंपरिक उत्पादों को संभावित आर्थिक प्रगति का आधार बताते हुए कहा कि यदि इन उत्पादों को तकनीक और डिजिटलीकरण से जोड़ा जाए तो नए बाजार और अवसर विकसित किए जा सकते हैं। राज्यपाल ने प्रदेशवासियों से परिवार सहित वसंतोत्सव में सहभागिता करने का आह्वान करते हुए इस आयोजन का लाभ उठाने का आग्रह किया।
