Sat. Feb 21st, 2026

सरकार सहभागी और पारदर्शी बजट तैयार कर रही: धामी

पौड़ी। जनपद पौड़ी गढ़वाल के रांसी स्थित बहुउद्देश्यीय भवन में पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में बजट पूर्व संवाद कार्यक्रम आयोजित हुआ। मंडल मुख्यालय पहुंचने पर मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए जनप्रतिनिधियों, कृषकों, उद्यमियों, व्यापारियों, महिला समूहों, पर्यटन व्यवसायियों, मत्स्य पालकों, कृषि वैज्ञानिकों व अन्य हितधारकों ने सहभागिता कर आगामी बजट हेतु सुझाव दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनअपेक्षाओं, क्षेत्रीय विशेषताओं व जमीनी आवश्यकताओं के अनुरूप सहभागी और पारदर्शी बजट तैयार कर विकसित उत्तराखंड का रोडमैप प्रस्तुत करना चाहती है। उन्होंने पर्यटन, उद्योग, कृषि, महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार व निवेश में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए वर्ष 2047 तक राज्य को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प दोहराया तथा संवाद से प्राप्त सुझावों को आगामी बजट में शामिल करने का भरोसा दिया।
संवाद में ग्रामीण विकास हेतु अनुदान वृद्धि, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सीवर लाइन-शौचालय निर्माण, पंचायत सशक्तिकरण, बंजर भूमि उपयोग व ग्राम स्तर पर सोलर प्लांट; शहरी क्षेत्रों में निकाय संसाधन वृद्धि, सोलर सिटी, पार्किंग-सफाई व आधारभूत ढांचे सुदृढ़ीकरण के सुझाव दिए गए। कृषि-उद्यान में पर्वतीय कृषि, बागवानी, जंगली जानवरों से सुरक्षा, पोस्ट-हार्वेस्ट प्रबंधन, कोल्ड स्टोरेज, क्लस्टर खेती, प्रशिक्षण व प्रसंस्करण केंद्र तथा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर जोर रहा। उद्योग-एमएसएमई के लिए पूंजीगत सब्सिडी, ब्याज अनुदान, मशीनरी छूट, सेवा क्षेत्र आधारित उद्योग व स्थानीय उत्पाद आधारित इकाइयों को बढ़ावा तथा आईटीआई-पॉलिटेक्निक को उद्योगों से जोड़ने के सुझाव आए। महिला सशक्तिकरण में प्रशिक्षण केंद्र, ब्याज-मुक्त ऋण, स्थानीय सेवाओं में प्राथमिकता; गौशाला भूमि, जैविक खाद, मत्स्य पालन में आधुनिक तकनीक व बायोफ्लॉक को बढ़ावा देने की बात कही गई। पर्यटन क्षेत्र में होमस्टे हेतु रियायती ऋण, हैली सेवा विस्तार, वैकल्पिक मार्ग, छोटे पर्यटन स्थलों का विकास, संस्कृत व सांस्कृतिक ग्राम, नेचर-एग्री पर्यटन व स्थानीय उत्पाद विपणन नीति पर बल दिया गया। ऊर्जा नेटवर्क सुदृढ़ीकरण, कर-शुल्क राहत व ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण के सुझाव भी मिले। स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी ने जनसहभागिता आधारित बजट को विकास की नींव बताते हुए पर्वतीय क्षेत्रों की जरूरतों को प्राथमिकता देने की बात कही। वित्त सचिव दिलीप जावलकर ने संवाद को जनभावनाओं के अनुरूप बजट निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने प्राप्त सुझावों को संतुलित व सतत विकास का आधार बताया।

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