राज्य स्थापना दिवस पर हुए भव्य कार्यक्रम
बागेश्वर। राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती के अवसर पर बागेश्वर के ऐतिहासिक नुमाइश खेत मैदान में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दर्जा राज्यमंत्री भूपेश उपाध्याय और जिलाधिकारी आकांक्षा कोड़े ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर आयोजित यह समारोह जिले में उत्साह, गर्व और सांस्कृतिक वैभव का केंद्र बना रहा। स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न स्कूली छात्र छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। साथ ही इस दौरान बेहतर कार्य करने पर कई किसानों और समूह सदस्यों को भी सम्मानित किया गया। इस दौरान पूरे भारत का भ्रमण बाइक से करने वाली राइडर पूजा तलाल उर्फ नोनी को भी भारत भ्रमण पूरा होने पर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम स्थल पर कृषि, उद्यान, पशुपालन, ग्राम्य विकास, मत्स्य, स्वास्थ्य सहित विभिन्न विभागों के जानकारीपरक स्टॉल लगाए गए। पहली बार रेड क्रॉस सोसायटी द्वारा भी स्टॉल लगाया गया, जो इस वर्ष के आयोजन में विशेष रूप से चर्चा में रहा। स्टॉलों के औपचारिक अवलोकन के दौरान मुख्य आकर्षण रहा वर्ष 1925 में कारीगर जीत सिंह टंगड़िया द्वारा निर्मित बागेश्वरी चरखा, जिसने इस वर्ष 100 वर्ष पूरे कर लिए हैं। महात्मा गांधी को वर्ष 1929 में भेंट किए गए इस चरखे ने स्वतंत्रता आंदोलन में विशिष्ट स्थान बनाया था। रेड क्रॉस सोसायटी के सचिव आलोक पांडे ने बताया कि गांधीजी इस चरखे की मजबूती और निर्माण-कौशल से अत्यंत प्रभावित हुए थे, जिसके बाद उन्होंने बड़ी संख्या में ऐसे चरखे बनवाने का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा कि राज्य स्थापना दिवस और बागेश्वरी चरखे की शताब्दी दोनों ऐतिहासिक क्षण एक साथ मनाना हमारे लिए गर्व का विषय है। यह चरखा स्वावलंबन, श्रम और स्वतंत्रता आंदोलन में पहाड़ के योगदान का जीता-जागता प्रमाण है। इस मौके पर दर्जा राज्यमंत्री भूपेश उपाध्याय ने कहा कि उत्तराखंड ने 25 वर्षों में विकास, आपदा प्रबंधन, पर्यटन, शिक्षा और ग्रामीण सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। बागेश्वरी चरखे जैसी धरोहर हमें यह याद दिलाती है कि हमारी सांस्कृतिक विरासत और परंपराएँ ही हमारे भविष्य का मार्गदर्शन करती हैं। आज का आयोजन प्रदेश की प्रगति और पहचान दोनों का प्रतीक है।
जिलाधिकारी आकांक्षा कोड़े ने कहा कि नुमाइश खेत मैदान में आयोजित यह कार्यक्रम उत्तराखंड की विविधता, नवाचार और उपलब्धियों का व्यापक प्रदर्शन है। रेड क्रॉस सोसायटी द्वारा प्रदर्शित बागेश्वरी चरखा हमारे इतिहास का अनमोल हिस्सा है, जिसे नई पीढ़ी के सामने लाना अत्यंत आवश्यक था। प्रशासन ऐसे प्रयासों को आगे भी प्रोत्साहित करेगा।
