Fri. Jan 23rd, 2026

राज्य के भविष्य और विकास को लेकर पक्ष और विपक्ष में हुई चर्चा

logo

देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र के तीसरे दिन राज्य के भविष्य और विकास को लेकर पक्ष और विपक्ष के बीच गहन चर्चा हुई। मूल निवास, अतिक्रमण और अवैध कब्जों जैसे मुद्दों पर सदन में तीखी बहस देखने को मिली। सदन में रानीखेत विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल ने अपनी बात कुमाऊंनी बोली में शुरू की, लेकिन अनुवादक न होने के कारण उन्हें हिन्दी में बोलने का सुझाव दिया गया। यह पहली बार था जब विधानसभा में किसी विधायक ने कुमाऊंनी बोली में अपनी बात रखने की कोशिश की। सत्र में देहरादून कैंट विधायक सविता कपूर, पौड़ी विधायक राजकुमार पोरी, अल्मोड़ा विधायक मनोज तिवारी, बागेश्वर विधायक, अनुपमा रावत और आदेश चैहान सहित कई सदस्यों ने अपने विचार रखे। चर्चा के दौरान देहरादून के विधायक विनोद चमोली ने कहा कि सरकार को मूल निवास लागू करने से परहेज नहीं करना चाहिए। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जहां स्थाई निवास को प्राथमिकता दी जा रही है। भाजपा विधायक मुन्ना सिंह चैहान ने अतिक्रमण और अवैध कब्जों को समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया, जबकि कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने कहा कि अवैध कब्जे हटाए जाएं, लेकिन वैध कब्जों को मान्यता मिले। सत्र में शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को मजबूत करने, सटीक नीतियों को धरातल पर उतारने और दैवीय आपदाओं के मानकों में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *