Fri. Jan 23rd, 2026

पंचायतों की वित्तीय सुदृढ़ता पर हुआ मंथन

देहरादून। आज रुद्रप्रयाग जिला सभागार में छठे राज्य वित्त आयोग की टीम द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत सदस्यों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य पंचायतों की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ करना और स्थानीय स्तर पर विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही चुनौतियों पर विचार-विमर्श करना रहा। बैठक में आयोग के सदस्यों ने पंचायतों को प्राप्त होने वाले सहायता अनुदान, राजस्व वितरण, कर संग्रहण, एवं वित्तीय पारदर्शिता से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि पंचायतें ग्रामीण विकास की रीढ़ हैं, इसलिए उन्हें वित्तीय दृष्टि से सशक्त बनाना अत्यंत आवश्यक है। पंचायत प्रतिनिधियों ने आयोग के समक्ष विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों के संचालन हेतु समयबद्ध वित्तीय आवंटन, तकनीकी मार्गदर्शन और मानव संसाधन की उपलब्धता आवश्यक है। प्रतिनिधियों ने यह भी सुझाव दिया कि योजनाओं के स्वीकृति एवं भुगतान की प्रक्रिया को और सरल तथा ऑनलाइन किया जाए, ताकि विकास कार्यों में गति लाई जा सके। आयोग के अध्यक्ष एन. रविशंकर ने कहा कि राज्य वित्त आयोग का उद्देश्य पंचायतों को वित्तीय स्वायत्तता प्रदान करना और स्थानीय निकायों की जरूरतों के अनुरूप नीतियां बनाना है। उन्होंने कहा कि प्राप्त सुझावों को आयोग की अनुशंसा रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा, जिससे राज्य स्तर पर बेहतर नीतिगत निर्णय लिए जा सकें। बैठक के अंत में आयोग के सदस्यों ने जिला प्रशासन की ओर से किए जा रहे विकास कार्यों की सराहना की और कहा कि रुद्रप्रयाग जनपद में त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था जनहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रही है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आयोग के सुझावों के अनुरूप पंचायतें भविष्य में और अधिक प्रभावी ढंग से ग्रामीण विकास में योगदान देंगी।

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