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मेहनत, ज्ञान व संस्कारों की बदौलत नई पहचान कायम करते हैं उत्तराखंडी: धन सिंह रावत

मुंबई। उत्तराखंड की प्रतिभाएं जिस भी क्षेत्र में कार्य करती हैं, वहां अपनी मेहनत, ज्ञान और संस्कारों की बदौलत नई पहचान और विशेष सम्मान प्राप्त करती हैं। यह बातें उत्तरांचल महासंघ मुंबई की ओर से रविवार को शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में उत्तराखंड भवन वाशी में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में उत्तराखंड के शिक्षा, स्वास्थ्य व सहकारिता मंत्री डॉ. धनसिंह रावत ने कहीं। डा. रावत के हाथों रविवार को महानगर में कार्यरत विभिन्न शिक्षण संस्थानों में कार्यरत 6 प्रधानाचार्यों को सम्मानित किया गया। आरकेटी तलरेजा कॉलेज उल्हासनगर के प्राचार्य डॉ. दिनेश काला, एनईएस रतनम कॉलेज भांडुप की प्रिंसिपल डॉ. विनीता ढौंडियाल, संजीवनी वर्ल्ड स्कूल दहिसर की प्रिंसिपल डॉ. सीमा नेगी, न्यू होराइजन स्कॉलर्स पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल डॉ. श्रीनीला काला, फ्रेंड अकादमी मुलुंड की प्रिंसिपल डॉ. शिवानी बलोदी, शिव शिक्षण संस्था ग्लोबल स्कूल, सायन की प्रिंसिपल श्रीमती सुनीता पंत का सम्मान चिन्ह देकर सम्मान किया गया। इसके साथ ही विभिन्न स्कूलों और कॉलेज में सेवाएं दे रही 25 शिक्षिकाओं को भी उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री एवं सेतु आयोग के अध्यक्ष के हाथों प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। संस्था की ओर से शास्त्रीय नृत्यांगना अनाहिता बहुगुणा, अंडर 14 के क्रिकेट खिलाड़ी हृदन रौथाण, मातृभाषा प्रसारक रितिका गैरोला, सीए अंजली कंडारी और हाल ही में आर्मी आफिसर बनी प्रेरणा बिष्ट को भी सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना ही गई। सम्मान पाने वाले प्रधानाचार्यों ने कहा कि उन्हें सम्मान तो बहुत मिलते हैं, लेकिन उत्तरांचल महासंघ जैसी प्रतिष्ठित संस्था से अपने प्रवासी उत्तराखंडी लोगों के बीच सम्मान पाना उनके लिए बहुत गर्व की बात है। प्राचार्यों ने उपस्थित बच्चों और पालकों से कहा कि आज की शिक्षा प्रणाली में बहुत बदलाव आए हैं। एक जमाना था जब हम विद्यार्थियों को कहते थे पढ़ो, लेकिन आज शिक्षा में हो रहे नित नए बदलाव में हमें भी खुद पढ़कर देश का भविष्य तैयार करना होगा। इसलिए शिक्षकों को कड़ी मेहनत कर हर क्षेत्र के लिए बच्चों को तैयार करना होगा। इस आयोजन में उत्तराखंड सेतु आयोग के अध्यक्ष राजशेखर जोशी मुख्य अतिथि थे । महाराष्ट्र के पूर्व भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी के पोते फिल्म निर्माता अक्षत जोशी विशेष अतिथि थे। कार्यक्रम के अंत में संस्था की अध्यक्ष  आनंदी गैरोला ने आगंतुक विशेष मेहमानों, बड़ी संख्या में आए प्रवासी उत्तराखण्डियों और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विशेष रूप से मंच संचालक कुसुमलता गुसाईं, शशि नेगी, भीम सिंह राठौर, भूपेश गौनियाल, कैलाश उदय चन्द, सुरेश काला, मनोज सत्ती आदि का आभार प्रकट किया और इसके साथ ही उत्तरांचल महासंघ मुम्बई द्वारा पहाड़ों में संचालित कम्यूटर प्रोजेक्ट और महिला शसक्तीकरण कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी और ज्यादा से ज्यादा प्रवासी उत्तराखण्डियों से जुड़ने की अपील की।

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