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आपदाग्रस्त गांवों का स्थलीय और हवाई सर्वेक्षण कर हालातों का लिया जायजा

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रुद्रप्रयाग। भारत सरकार की उच्च स्तरीय अंतर मंत्रालय केंद्रीय टीम (आईएमसीटी) ने आपदाग्रस्त गांवों का स्थलीय और हवाई सर्वेक्षण कर हालातों का जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों ने प्रभावितों से बाचचीत करते हुए कई जानकारियां प्राप्त की। टीम ने आपदा से हुए नुकसान और राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे राहत व बचाव कार्यों का आंकलन किया। यह टीम सभी कार्यों की समीक्षा कर अपनी रिपोर्ट तैयार कर भारत सरकार को सौंपेगी, जिसके आधार पर राहत पैकेज तैयार किया जाएगा। मंगलवार को उच्च स्तरीय अंतर मंत्रालय केंद्रीय टीम बडेथ गांव पहुंची। यहां, टीम के सदस्यों ने प्रभावित ग्रामीणों के साथ ही राहत व बचाव कार्य में लगे प्रशासनिक व विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों से बातचीत कर आपदा के बारे में जानकारी प्राप्त की। टीम ने प्रभावितों से अतिवृष्टि से हुए नुकसान, उन्हें हो रही दिक्कतों, राहत शिविरों में भोजन व रात्रि प्रवास की सुविधा, चिकित्सा के बारे में पूछा। इस दौरान प्रभावित स्थानीय लोगों ने अपनी-अपनी समस्याओं के बारे में अवगत कराया और सुरक्षित भविष्य को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र में हेलिपैड निर्माण, पुनर्वास, भू-गर्भीय सर्वेक्षण, रोजगार, पुर्नस्थापना और परिस्थिति क्षतिपूर्ति, स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने की मांग की। इसके बाद अंतर मंत्रालय केंद्रीय टीम ने छेनागाड़, तालजामण, बगड़तोक, जौला, डुंगर, भटवाड़ी, स्यूंर गांव का हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान टीम ने आपदा से बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान, सड़क, पुल, निजी व सरकारी भवनों को क्षति, खेतीबाड़ी, वन क्षेत्र का विस्तृत आकलन किया। निरीक्षण के उपरांत केंद्रीय टीम का नेतृत्व कर रहे भारत सरकार के संयुक्त सचिव डा. आर प्रसन्ना ने बताया कि उन्होंने स्थलीय और हवाई सर्वेक्षण में आपदा से हुई क्षति का वास्तविक आकलन किया है, जिसकी रिपोर्ट भारत सरकार को सौंपी जाएगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित क्षेत्रों के लिए आवश्यक सहायता और पुनर्निर्माण कार्यों के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी। बताया कि आपदा प्रभावितों के जानमाल के नुकसान की जानकारी स्थानीय प्रशासन से प्राप्त की गई है। इससे पूर्व बीते सोमवार देर शाम को जिला कार्यालय में जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने केंद्रीय टीम को आपदा के बारे में पूरी जानकारी दी थी। इस दौरान उन्होंने पीपीटी के माध्यम से जिले में हुए नुकसान के बारे में सभी महत्वपूर्ण बातें टीम को बताई। साथ ही जनपद में मानसून सीजन में आपदा से हुई क्षति की पूर्ति और पुनर्वास सहित अन्य कार्याें के लिए 1850 करोड़ का प्रस्ताव भी टीम के सम्मुख रखा। टीम में वित्त निदेशक शैलेश कुमार, मुख्य अभियंता पंकज सिंह, उप निदेशक विकास सचान और प्रमुख सलाहकार मोहित पूनिया शामिल थे।प्रभावित क्षेत्रों का होगा

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