पर्यावरणविद जगत सिंह जंगली को मिलेगा प्राइड ऑफ एशिया अवार्ड
समाचार इंडिया/रुद्रप्रयाग। मिश्रित वन का विश्वस्तरीय मॉडल तैयार कर पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में बीते 40 वर्षों से काम कर रहे जनपद के पर्यावरणविद जगत सिंह जंगली को 25 नवंबर को यूएसनगर के रुद्रपुर में होने वाले अंतरराष्ट्रीय समारोह में प्राइड ऑफ एशिया पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। वाईस ऑफ एशिया न्यूज और रे फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में होने वाले कार्यक्रम में उन्हें यह पुरस्कार दिया जाएगा। समारोह में सामाजिक, शिक्षा, पर्यटन और पर्यावरण के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने के लिए भारत के अलावा श्रीलंका, नेपाल, इंडोनेशिया सहित 30 देशों के लोग सम्मानित किए जाएंगे। वर्ष 1980 में सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद जगत सिंह चौधरी ने अपने पैतृक गांव कोट तल्ला में पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करने लगे। उन्होंने अपनी पैतृक भूमि पर मिश्रित वन की स्थापना कर नई पहल शुरू की थी। पहले तीन नाली में बांज, बुरांश, काफल के साथ रिंगाल सहित अन्य प्रजातियों का रोपण किया। वर्तमान में मिश्रित वन में 200 से अधिक पौध व वनस्पतियों की प्रजातियां हैं। जंगली के इस अनूठे प्रयास को भारतीय वन अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों ने भी सराहा। साथ ही कुछ वर्ष पूर्व यूनेस्को की एक टीम ने भी यहां पहुंचकर मिश्रित वन का जायजा लेते हुए शोध किया था। तब, उन्होंने अपनी रिपोर्ट में वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण के लिए मिश्रित वनों को उपयोगी बताते हुए इसके विस्तार पर जोर दिया। अब, पर्यावरणविद जगत सिंह जंगली की मेहनत को सराहते हुए वाईस ऑफ एशिया न्यूज और रेज फाउंडेशन ने उन्हें प्राइड ऑफ एशिया पुरस्कार के लिए चुना है। जंगली का कहना है कि रुद्रप्रयाग जनपद के दूरस्थ हरियाली क्षेत्र से उन्हें पुरस्कार के लिए चुना जाना उनके लिए गौरव की बात है।
