दिव्यांगजन सहानुभूति के नहीं, बल्कि सम्मान और समान भागीदारी के अधिकारी : राज्यपाल
देहरादून। राज्यपाल Lt Gen Gurmit Singh ने देहरादून के रेंजर्स ग्राउंड में आयोजित दिव्य कला मेला को संबोधित करते हुए कहा कि समावेशी विकास तभी सार्थक है, जब समाज का कोई भी वर्ग विकास की मुख्यधारा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन सहानुभूति के नहीं, बल्कि सम्मान और समान भागीदारी के अधिकारी हैं तथा राष्ट्र निर्माण में उनकी सक्रिय भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
राज्यपाल ने कहा कि जब दिव्यांगजनों को उचित मंच और संसाधन उपलब्ध कराए जाते हैं, तो वे अपनी प्रतिभा से समाज और राष्ट्र को नई दिशा देने में सक्षम होते हैं। उन्होंने कहा कि देश में दिव्यांगजनों के प्रति दृष्टिकोण में सकारात्मक परिवर्तन आया है और वे विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त कर रहे हैं। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री B. L. Verma बी.एल. वर्मा ने कहा कि ‘दिव्य कला मेला’ मानवीय सामर्थ्य का उत्सव है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन दिव्यांग सशक्तीकरण, आत्मनिर्भरता और सम्मान का प्रतीक है तथा देशभर के दिव्यांग कलाकारों और उद्यमियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का सशक्त मंच प्रदान करता है।
