चिंतन शिविर का शुभारंभ
समाचार इंडिया। बागेश्वर। नीति आयोग ने जनपद के दूरस्थ विकासखंड कपकोट को आकांक्षी विकासखंड घोषित किया है। सामाजिक-आर्थिक सूचकांक मे पिछडे़ विकासखंडों के सर्वागीण विकास के दृष्टिगत केंद्र सरकार ने आकांक्षी विकासखंड कार्यक्रम शुरू किया है। पिछडे हुए विकासखंडों को विकास की मुख्य धारा से जोडने हुए राज्य व केंद्र सरकार की योजनाओं का समावेश करके विकसित किया जाना है। अतिथियों ने चिंतन शिविर का शुभारंभ किया। ब्लॉक सभागर में सोमवार को केन्द्र सरकार के नीति आयोग के तहत आकांक्षी कार्यक्रम के मापदंडों के अनुसार जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्वंय सेवी संस्थाओं का चिंतन शिविर आयोजित हुआ। बताते चले कि प्रदेश के 6 विकासखंड को आकांक्षी विकासखंड में चिन्हित किया गया है, जिसमें कपकोट विकासखंड भी सम्मिलित है। आकांक्षी विकासखंड का मुख्य उद्देश्य विकासखंड में स्वास्थ एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं जल संसाधन, पेयजल एवं स्वच्छता, आधारभूत संरचना, और सामाजिक विकास आदि इंडिकेटरों पर काम किया जाना है। विधायक सुरेश गडिया ने कहा कि अंतिम छोर पर खडे व्यक्ति तक सभी सुविधाएं व योजनाएं पहुंचाना सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने कहा आकांक्षी योजना में विकास की दौड में पीछे रह गए प्रदेश के 6 विकासखंड का सम्मिलित किया गया है, जिसमें विकासखंड कपकोट भी शामिल है। उन्होंने कहा हमारा क्षेत्र काफी पिछडा है, इसे विकास की मुख्य धारा तक लाने के लिए सभी को चिंतन करने की जरूरत है। सरकार ने अपने स्तर से इसे आकांक्षी योजना में सम्मिलित किया है, हमें भी इसे विकास की बराकरी में लाने के लिए क्या योगदान कर सकते है, की दिशा में सोचने की जरूरत है। उन्होंने कहा स्वस्थ समाज के निर्माण में हम सभी की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण है, सामाजिक-आर्थिक सूचकांक में पिछडे़ अपने क्षेत्र के सर्वागीण विकास में सभी को अपना योगदान देना होगा।
जिला पंचायत अध्यक्ष बसंती देव ने कहा कि पिछडापन दूर करने के लिए आयोजित चिंतन शिविर कारगर साबित होगा। उन्होंने कहा हमें चिंतन करते हुए अपने क्षेत्र के पिछडेपन के कारणों का खोजना होगा, इसके लिए उन्होंने सभी अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से सहयोग की अपील की। ब्लॉक प्रमुख गोविंद सिह दानू ने विकासखंड के विकास में सभी संरचनाओं को बल देते हुए इसके विकास में सभी की जरूरत बताई। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों से जनता को सुविधाएं मुहैया कराने के लिए अपने-अपने सुझाव देने की अपील भी की। चिंतन शिविर को प्रदेश नीति आयोग के सदस्य सचिव व अपर सचिव नियोजन योगेन्द्र यादव ने भी संबोधित किया।