शुभप्रभात केदार स्तोत्र से गुंजायमान होगी केदारपुरी

शुभप्रभात केदार स्तोत्र को स्वर देने वाले वेदपाठी मृत्युंजय हिरेमठ ने बताया कि शुभप्रभात केदार स्तोत्र के प्रकाशन की लालसा बहुत पहले थी मगर भगवान केदारनाथ की आज्ञा स्वरूप ही शुभप्रभात केदार स्तोत्र का प्रकाशन हो पाया है। उन्होंने बताया कि शुभप्रभात केदार स्तोत्र के प्रकाशन में पण्डौ स्टूडियो श्रीनगर का महत्वपूर्ण योगदान रहु है तथा 12 पदों के लेखन में दिल्ली निवासी अंकुर नागपाल की बिशेष भूमिका रही है । उनका कहना है कि भविष्य में यदि परम पिता परमेश्वर का आदेश हुआ तो केदार घाटी के अन्य तीर्थों की महिमा पर भी शुभप्रभात स्तोत्र प्रकाशन का प्रयास किया जायेगा। मन्दिर समिति सदस्य श्रीनिवास पोस्ती का कहना है कि मृत्युंजय हिरेमठ, दिल्ली निवासी अंकुर नागपाल व पण्डौ स्टूडियो श्रीनगर के प्रयासों से पहली बार केदार पुरी शुभप्रभात केदार स्तोत्र की महिमा से गुंजायमान होगा। शिव भक्तों के मन में भगवान केदारनाथ के प्रति अगाध श्रद्धा बनेगी। कार्यधिकारी आर सी तिवारी का कहना है कि केदार घाटी में मन्दिर समिति के अधीन संचालित शिवालयों में भी ब्रह्म बेला पर शुभप्रभात केदार स्तोत्र के प्रसारण का प्रस्ताव अगली बोर्ड बैठक में रखा जायेगा जिससे केदार घाटी के शिवालयों का वातावरण ब्रह्म बेला पर भक्तिमय बना रहे। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी राजकुमार नौटियाल ने बताया कि शुभप्रभात केदार स्तोत्र में भगवान शंकर की महिमा का गुणगान बहुत ही बेहतरीन तरीके से किया गया है। प्रशासनिक अधिकारी यदुवीर पुष्वाण ने बताया कि शुभप्रभात केदार स्तोत्र को सुनने से मन में भगवान शंकर के प्रति अटूट आस्था का होना स्वाभाविक ही है।
ऊखीमठ से लक्ष्मण सिंह नेगी।
